Thursday, 29 September 2016

Indian Army

गिन ले लाशें दुश्मन जाकर, शमसान बड़ा कर आये हैं

नाज हमें है उन वीरों पर, जो मान बड़ा कर आये हैं।
दुश्मन को घुसकर के मारा, शान बड़ा कर आये हैं।I

मोदी जी अब मान गये हम, छप्पन इंची सीना है।
कुचल, मसल दो उन सब को अब, चैन जिन्होंने छीना है।I

और आस अब बड़ी वतन की, अरमान बड़ा कर आये हैं।
नाज हमें है उन वीरों पर, जो शान बड़ा कर आये हैं।I

एक मरा तो सौ मारेंगे, अब रीत यही बन जाने दो।
लहू का बदला सिर्फ लहू है, अब गीत यही बन जाने दो।I

*जय हिंद जय भारत*
*जय जवान जय किसान*
*भारत माता की जय*

UP special

भूगोल की मैडम बहुत दुबली पतली थी..

उसकी पोस्टिंग मैनपुरी में हो गई..।

एक दिन वो क्लास में पाठ दोहरा रही थी..
"बोलो बच्चों धरती घुमती हुई क्यों नज़र आती है..?"

तभी कलुआ बोला

"मैडम जी कछु ख़ाए लेउ करौ
बिना खाए पिएं अइयौ तौ
धत्ती एसई  घूमियै।  ..😝😝😝😝😝😝

Pagalo ki dunia

एक बार एक पागल बिना
जली बीड़ी पी रहा था!

दूसरा पागल: यार बीड़ी से
कोई धुंआ नहीं निकल रहा?

पहला पागल: कर दी न पागलों
वाली बात ये `सी.एन.जी.`
बीड़ी है!
😆😝🚬👋👈😁😆😝😆

Hindi subject

हिन्दी सबजेक्ट में शुरू से ही कमजोर रहा हूँ 

पर आज गडबड हो गई ,

बीवी को मैसेज भेज रहा था ,

*प्रियतमा* की जगह ,
*प्रेतआत्मा* लिख कर सेंड हो गया , ,

*सुबह से भूखा बैठा हूँ चाय भी ना दी पीने को* 
😀😛
.
.
😂😂👍😜😃😝

Latest mobile

मोबाइल आने से ।
एक अच्छा काम तो हुआ ।


जब इंसान free होता है तो ।


मोबाइल चला लेता है ।




पहले ,तो ।

नाक मै अंगुली डाल डाल कर ।

नाक की ऐसी तैसीं कर देता था ।
😝😝😝

How to find a good boy

लड़की वाले- हमें ऐसा लड़का चाहिए
जो कुछ खाता पीता ना हो, और कुछ
गलत काम ना करता हो।
.
.
.
.
.
पंडित- ऐसा लड़का तो आपको ICU के
इमरजेंसी वार्ड में ही मिलेगा।
😂😂😂😂😂😂

Latest trend

*कलियुग में यक्ष के प्रश्नों के उत्तर:-*
यक्ष :- आकाश से भी ऊँचा क्या है ?
Me :- *बिहार के टॉपर.*
यक्ष :- पवन से भी तेज़ गति किसकी है ?
Me :- *Airtel 4G.*
यक्ष :- मृत्यु के समीप हुए व्यक्ति का सच्चा मित्र कौन है ?
Me :- *जो मरने वाले का मोबाइल फॉर्मेट कर दे.*
यक्ष :- पृथ्वी को किस वस्तु ने ढक रखा है ?
Me :- *मोदी जी पर लगाए,*
*केजरीवाल जी के आरोपों ने.*
यक्ष :- दुनिया में सबसे सुखी कौन है ?
Me :- *विजय माल्या.*
यक्ष :- किसको देखने सुनने से शोक निकट नहीं आता ?
Me :- *राहुल गांधी.*
यक्ष :- लज्जा क्या है ?
Me :- *माधुरी दीक्षित की फ़िल्म.*
यक्ष :- दया क्या है ?
Me :- *जेठालाल की पत्नी.*
यक्ष :- मनुष्य किसके पीछे पागल है?
Me :- *Reliance Jio के पीछे*
इसके बाद से यक्ष अंकल कोमा में हैं😜
होश में आते ही आगे की
प्रश्नोत्तरी प्रकाशित की जाएगी..😀😛😂

Hunny Singh

*प्रसंग है*___

एक नवयुवती छज्जे पर बैठी है,

केश खुले हुए है और चेहरे को देखकर लगता है की वह उदास है, उसकी मुख मुद्रा देखकर लग रहा है कि जैसे वह छत से कूदकर आत्महत्या करने वाली है।

विभिन्न कवियों से अगर इस पर लिखने को कहा जाता तो वो कैसे लिखते.....

😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀

*मैथिली शरण गुप्त*-

अट्टालिका पर एक रमणी अनमनी सी है अहो
किस वेदना के भार से संतप्त हो देवी कहो ?
धीरज धरो संसार में, किसके नही है दुर्दिन फिरे
हे राम! रक्षा कीजिए, अबला न भूतल पर गिरे।😀

*काका हाथरसी*-

गोरी बैठी छत पर, कूदन को तैयार
नीचे पक्का फर्श है, भली करे करतार
भली करे करतार, न दे दे कोई धक्का
ऊपर मोटी नार, नीचे पतरे कक्का
कह काका कविराय, अरी मत आगे बढना
उधर कूदना मेरे ऊपर मत गिर पडना।😊

*गुलजार*-

वो बरसों पुरानी ईमारत
शायद
आज कुछ गुफ्तगू करना चाहती थी
कई सदियों से
उसकी छत से कोई कूदा नहीं था।
और आज
उस
तंग हालात
परेशां
स्याह आँखों वाली
उस लड़की ने
ईमारत के सफ़े
जैसे खोल ही दिए
आज फिर कुछ बात होगी
सुना है ईमारत खुश बहुत है...😀

*हरिवंश राय बच्चन*-

किस उलझन से क्षुब्ध आज
निश्चय यह तुमने कर डाला
घर चौखट को छोड़ त्याग
चड़ बैठी तुम चौथा माला
अभी समय है, जीवन सुरभित
पान करो इस का बाला
ऐसे कूद के मरने पर तो
नहीं मिलेगी मधुशाला 😊

*प्रसून जोशी साहेब*-

जिंदगी को तोड़ कर
मरोड़ कर
गुल्लकों को फोड़ कर
क्या हुआ जो जा रही हो
सोहबतों को छोड़ कर 😄

*रहीम*-

रहिमन कभउँ न फांदिये छत ऊपर दीवार
हल छूटे जो जन गिरें फूटै और कपार 😀

*तुलसी*-

छत चढ़ नारी उदासी कोप व्रत धारी
कूद ना जा री दुखारी
सैन्य समेत अबहिन आवत होइहैं रघुरारी 😟

*कबीर*-

कबीरा देखि दुःख आपने, कूदिंह छत से नार
तापे संकट ना कटे , खुले नरक का द्वार'' 😃

*श्याम नारायण पांडे*-

ओ घमंड मंडिनी, अखंड खंड मंडिनी
वीरता विमंडिनी, प्रचंड चंड चंडिनी
सिंहनी की ठान से, आन बान शान से
मान से, गुमान से, तुम गिरो मकान से
तुम डगर डगर गिरो, तुम नगर नगर गिरो
तुम गिरो अगर गिरो, शत्रु पर मगर गिरो।😃

*गोपाल दास नीरज*-

हो न उदास रूपसी, तू मुस्काती जा
मौत में भी जिन्दगी के कुछ फूल खिलाती जा
जाना तो हर एक को है, एक दिन जहान से
जाते जाते मेरा, एक गीत गुनगुनाती जा 😀

*राम कुमार वर्मा*-

हे सुन्दरी तुम मृत्यु की यूँ बॉट मत जोहो।
जानता हूँ इस जगत का
खो चुकि हो चाव अब तुम
और चढ़ के छत पे भरसक
खा चुकि हो ताव अब तुम
उसके उर के भार को समझो।
जीवन के उपहार को तुम ज़ाया ना खोहो,
हे सुन्दरी तुम मृत्यु की यूँ बाँट मत जोहो।😀

*हनी सिंह*-

कूद जा डार्लिंग क्या रखा है
जिंजर चाय बनाने में
यो यो की तो सीडी बज री
डिस्को में हरयाणे में
रोना धोना बंद कर
कर ले डांस हनी के गाने में
रॉक एंड रोल करेंगे कुड़िये
फार्म हाउस के तहखाने में..

😄😄😄😄😄😄😄😄😄

5 मिनट के बाद वो उठी और बोली --
चलो बाल तो सूख गए अब चल के नाश्ता कर लेती हूं..

😆😆😆😆😆😆😆😆😆
       😜😜ss😜😜

UP special

" इतिहास गवाह है कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार आई है UP बोर्ड का रिजल्ट 90 परसेंट गया है … इसका मतलब ये नहीं है की उनके राज में नक़ल होती है बल्कि अखिलेश भइय्या ने व्यवस्था इतनी तगड़ी की थी की बच्चों ने इसबार जमकर पढाई की … बिजली देते नहीं थे तो बच्चे टीवी की बजाये किताबों में घुसे रहे… गुंडई बे-हिसाब है इसलिए लड़कियों ने घर में रहकर पढाई करना बेहतर समझा और लड़कों को मात दी …
इसे कहते हैं एक्सिलेंट प्लानिंग "
लोग खाली उत्तर प्रदेश को बदनाम करते हैं।
#पुत्तरप्रदेश॥

Tuesday, 27 September 2016

Haryani joke

🐪🐪
एक बार, एक जाट ने
शमशान घाट में हल जोड़ दिया
भूत कितै बाहर जा रहा  था।

भूतनी जाट न डरावन खातिर कांव कांव करण लागी, पर जाट न कोई परवाह नही की ।

आख़िर भूतनी बोली "जाट तू यो के करै सै"

जाट बोल्या "मैं यहां बाजरा बोवुंगा"

भूतनी बोली "हम कित रवैंगे"

जाट बोल्या "मनै थारा ठेका कोनी ले राख्या ।

भूतनी बोली "तू म्हारे घर का नास मत कर,  इसके बदले हम तेरे घर मै 100 मण बाजरा भिजवा देगें".

जाट बोल्या "ठीक सै लेकिन बाजरा कल पहुॅचना चाहिए नहीं तो मैं फेर आके हल जोड़ दूंगा"

शाम नै भूत घर आया तो भूतनी बोली आज - तो नास होग्या था, न्यूं न्यूं बणी ।  जाट 100 मण बाजरे में मान्या सै ।

भूत ने भोत गुस्सा आया और बोल्या -  तने क्यों 100 मण बाजरे की ओट्टी, मन्ने इसे जाट भतेरे देखे सै.
मन्नह उसका घर बता मैं उसने  सीधा कर दूंगा ।

भूत जाट के घर गया ।

जाट के घर मैं एक बिल्ली हील रही थी । वो रोज आके दूध पी जाया करती।

जाट ने खिड़की में एक सिकंजा लगा लिया और रस्सी पकड़ के बैठ गया ।  आज बिल्ली आवेगी और मैं उसने पकडूँगा ।

भुत न सोची तू खिड़की म बड़के जाट न डरा दे ।

वो भीतर न नाड़ करके खुर्र-खुर्र करने
लगा।  जाट नै सोची – बिल्ली आगी।

उसने फट रस्सी खिंची और भूत की नाड़ सिकंजे मैं फंस गी ।  वो चिर्र्र – चिर्र्र करने लगा ।

जाट बोल्या रै तू कोण सै ?
वो बोल्या मैं भूत सूं ।

जाट बोल्या अङै के करै सै ?

भूत बोल्या "मैं तो न्यू बुझण आया था के तू 100 मण बाजरे मैं मान ज्यागा या पूली 🎍भी साथै भिजवानी सै
🌾🌾