Wednesday, 13 May 2015

गाय को बचाए वो कोई भोजन नहीं है. इसकी रक्षा करे !



अगर आप में एक प्रतिशत
भी देश प्रेम है तो इसे जरूर
पडना और हर नागरिक तक
ईसकी जानकारी पहुचाने के
लिए आगे जरूर भेजना
!!  अमर बलिदानी श्री राजीव भाई दीक्षित जी की जय !!

सुप्रीम कोर्ट के मुक़द्दमे मे कसाईयो द्वारा गाय काटने के लिए वही सारे कुतर्क रखे गए जो कभी शरद पवार द्वारा बोले गए या इस देश के ज्यादा पढ़ें लिखे लोगो द्वारा बोले जाते है या देश के पहले प्रधान मंत्री नेहरू द्वारा कहे गए ?
कसाईयो के कुतर्क ?

१) पहला कुतर्क
गाय जब बूढ़ी हो जाती है तो बचाने मे कोई लाभ नहीं उसे कत्ल करके बेचना ही बढ़िया है और हम भारत की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं क्यूंकि गाय का मांस एक्सपोर्ट कर रहे हैं ।

२) दूसरा कुतर्क
भारत मे चारे की कमी है गाय भूखी मरे इससे अच्छा ये है हम उसका कत्ल करके बेचें ।

३) तीसरा कुतर्क
भारत मे लोगो को रहने के लिए जमीन नहीं है गाय को कहाँ रखें ?

४)चौथा कुतर्क
इससे विदेशी मुद्रा मिलती है ।

और
सबसे खतरनाक कुतर्क जो कसाइयों की तरफ से दिया गया कि गया की ह्त्या करना हमारे धर्म इस्लाम मे लिखा हुआ है की हम गायों की ह्त्या करें (this is our religious right )
राजीव भाई ने बिना क्रोध प्रकट किए बहुत ही धैर्य से इन सब कुतर्को का तर्कपूर्वक जवाब दिया !

उनका पहला कुतर्क गाय का मांस बेचते हैं तो देश को आमदनी होती है....
तो राजीव भाई ने सारे आंकड़े सुप्रीम कोर्ट मे रखे कि एक गाय को जब काट देते हैं तो उसके शरीर मे से कितना मांस निकलता है ? कितना खून निकलता है ?
कितनी हड्डियाँ निकलती हैं ?
एक स्वस्थ गाय का वजन 3 से साढ़े तीन क्वीटंल होता है उसे जब काटे तो उसमे से मात्र ७० किलो मांस निकलता है एक किलो गाय का मांस जब भारत से export होता है तो उसकी कीमत है ५०/-रुपये किलो ।
७० x ५० = ३५००/- रुपये ।
खून जो निकलता है वो लगभग 25 लीटर होता है ! जिसमें कुल कमाई १०००/-से २०००/- रुपये होती है ।
फिर हड्डियाँ निकलती है वो भी
३० से ३५ किलो हैं ! जो
१०००/-से १२००/-के लगभग बिक जाती है !
तो कुल मिलाकर एक गाय का जब कत्ल करे और मांस ,हड्डियाँ खून समेत बेचें तो सरकार को या कत्ल करने वाले कसाई को ७०००/-रुपये से ज्यादा नहीं मिलता !

फिर राजीव भाई द्वारा कोर्ट के सामने उल्टी बात रखी गई कि यही गाय को कत्ल न करे तो क्या मिलेगा ?
हमने कत्ल किया तो ७०००/-मिला और अगर इसको जिंदा रखे तो कितना मिलेगा ??
तो उसका हिसाब(calculation) राजिव भाई ने ऐसे बताया है !

एक स्वस्थ गाय एक दिन मे १० किलो गोबर देती है और ढाई से ३ लीटर मूत्र देती है ! गाय के एक किलो गोबर से ३३ किलो fertilizer (खाद ) बनती है !जिसे organic खाद कहते हैं ।

कोर्ट के जज ने कहा -
How it is possible ?

राजीव भाई द्वारा कहा गया आप हमे समय दीजिये और स्थान दीजिये हम आपको यही सिद्ध करके बताते हैं !
कोर्ट ने आज्ञा दी ....
तो राजीव भाई ने उनको पूरा करके दिखाया ,और कोर्ट से कहा कि "आई.आर.सी." के वैज्ञानिक को बुला लो और टेस्ट करा लो !

गाय के गोबर को टेस्ट के लिए भेजा गया ।
वैज्ञानिको ने कहा की इसमें
१८ micronutrients
(पोषक तत्व )है !जो सभी खेत की मिट्टी को चाहिए जैसे
मैगनीज है ,फोस्फोरस है , पोटाशियम है,कैल्शियम,
आयरन,कोबाल्ट, सिलिकोन ,
आदि आदि | रासायनिक खाद मे मुश्किल से तीन होते हैं ! तो गाय का खाद रासायनिक खाद से १० गुना ज्यादा ताकतवर है ।

तो कोर्ट ने माना ! राजीव भाई ने कहा अगर आपके र्पोटोकोल के खिलाफ न जाता हो तो आप चलिये हमारे साथ और देखे कहाँ - कहाँ हम १ किलो गोबर से ३३ किलो खाद बना रहे हैं राजीव भाई ने कहा मेरे अपने गाँव मे मैं बनाता हूँ ! मेरे माता पिता दोनों किसान है पिछले १५ साल से हम गाय के गोबर से ही खेती करते हैं ।
तो १ किलो गोबर है तो ३३/- किलो खाद बनता है ! और १ किलो खाद का जो अंराष्ट्रीय बाजार मे भाव है वो ६/- रुपए है !तो रोज १० किलो गोबर से ३३०किलो खाद बनेगी ! जिसे ६/-रुपए किलो के हिसाब से बेचें तो १८००/- से २०००/-रुपये रोज का गाय के गोबर से मिलता है ।
और गाय के गोबर देने मे कोई Sunday नहीं होता,
Weekly off नहीं होता ,
हर दिन मिलता है ।
तो साल मे कितना ???
१८०० x ३६५ = ६५७०००/ रुपये साल का !
और गाय की सामान्य उम्र २० साल है और वो जीवन के अंतिम दिन तक गोबर देती है !
तो १८०० × ३६५ × २०=
१,३१,४०,०००/- करोड़ से ऊपर तो मिल ही जाएगा केवल गोबर से ।
और हजारो लाखों वर्ष पहले हमारे शास्त्रो में लिखा है की गाय के गोबर में लक्ष्मी जी का वास है !!
और मेकोले के मानस पुत्र जो आधुनिक शिक्षा से पढ़ कर निकले हैं जिन्हे अपना धर्म ,संस्कृति - सभ्यता सब पाखंड ही लगता है , हमेशा इस बात का मज़ाक उड़ाते है कि गाय के गोबर मे लक्ष्मी ?
तो ये उन सबके मुंह पर तमाचा है ! क्यूंकि ये बात आज सिद्ध होती है की गाय के गोबर से खेती करके,अनाज उत्पादन कर धन कमाया जा सकता है और पूरे भारत का पेट भरा जा सकता है ।
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अब बात करते हैं मूत्र की रोज का दौ- सवा दौ लीटर और इससे ओषधियाँ बनती है
diabetes ,की ओषधि बनती है ,
arthritis,की ओषधि बनती है ,
bronkitis, bronchial asthma, tuberculosis, osteomyelitis ऐसे करके ४८ रोगो की ओषधियाँ बनती है !और गाय के एक लीटर मूत्र का बाजार मे दवा के रूप मे कीमत ५००/-रुपए है ! वो भी भारत के बाजार मे ! अंतर्राष्ट्रीय बाजार मे तो इससे भी ज्यादा है ! आपको मालूम है ? अमेरिका मे गौ मूत्र patent हैं ! और अमरीकी सरकार हर साल भारत से गाय का मूत्र import करती है और उससे कैंसर की medicine बनाते हैं ! diabetes की दवा बनाते हैं ! और अमेरिका मे गौ मूत्र पर एक दो नहीं तीन patent है ! अमेरिकन market के हिसाब से calculate करे तो १२००/-से १३००/-रुपये लीटर बैठता है एक लीटर मूत्र ! तो गाय के मूत्र से लगभग रोज की ३०००/- की आमदनी ?
और एक साल का
३००० x ३६५=१०९५०००
और २० साल का
३००० x ३६५x २० = २,१९,००,०००/-
इतना तो गाय के गोबर और मूत्र से हो गया एक साल का ?
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और इसी गाय के गोबर से एक गैस निकलती है जिसे मैथेन कहते हैं और मैथेन वही गैस है जिससे आप अपने रसोई घर का सिलंडर चला सकते हैं और जरूरत पड़ने पर गाड़ी भी चला सकते हैं ४ पहियो वाली गाड़ी भी ।
जैसे LPG गैस से गाड़ी चलती है वैसे मैथेन गैस से भी गाड़ी चलती है ।
तो न्यायधीश को विश्वास नहीं हुआ । तो राजीव भाई ने कहा आप अगर आज्ञा दे तो आपकी कार मे मेथेन गैस का सिलंडर लगवा देते हैं ! आप चला के देख लो ! उन्होने आज्ञा दी और राजीव भाई ने लगवा दिया ! और जज साहब ने ३ महीने गाड़ी चलाई ! और उन्होने कहा....
Its excellent ! क्यूंकि खर्चा आता है मात्र ५० से ६० पैसे किलोमीटर और डीजल से आता है ४/-रुपए किलो मीटर ! मेथेन गैस से गाड़ी चले तो धुआँ बिलकुल नहीं निकलता ! डीजल गैस से चले तो धुआँ ही धुआँ !! मेथेन से चलने वाली गाड़ी मे शोर बिलकुल नहीं होता ! और डीजल से चले तो इतना शोर होता है कान फट जाएँ !! तो ये सब जज साहब की समझ मे आया !!
तो फिर हमने कहा रोज का १० किलो गोबर एकठ्ठा करे तो एक साल मे कितनी मेथेन गैस मिलती है ? और २० साल मे कितनी मिलेगी और भारत मे १७ करोड़ गाय है । सबका गोबर एक साथ इकठ्ठा करे और उसका ही इस्तेमाल करे तो १ लाख ३२ हजार करोड़ की बचत इस देश को होती है ! बिना डीजल ,बिना पट्रोल के हम पूरा ट्रांसपोटेशन इससे चला सकते हैं ! अरब देशो से भीख मांगने की जरूरत नहीं और पट्रोल डीजल के लिए अमेरिका से डालर खरीदने की जरूरत नहीं !!अपना रुपया भी मजबूत !
तो इतने सारे calculation जब राजीव भाई ने बंब्बाड कर दी सुप्रीम कोर्ट पर तो जज ने मान लिया गाय की ह्त्या करने से ज्यादा उसको बचाना आर्थिक रूप से लाभकारी है !
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जब कोर्ट की opinion आई तो ये मुस्लिम कसाई लोग भड़क गए उनको लगा कि अब केस उनके हाथ से गया क्यूंकि उन्होने कहा था कि गाय का कत्ल करो तो ७०००/- हजार कि इन्कम ! और इधर राजीव भाई ने सिद्ध कर दिया कत्ल ना करो तो लाखो करोड़ो की इन्कम !!और फिर उन्होने ने अपना trump card खेला !! उन्होने कहा की गाय का कत्ल करना हमारा धार्मिक अधिकार है (this is our religious right )
तो राजीव भाई ने कोर्ट मे कहा अगर ये इनका धार्मिक अधिकार है तो इतिहास मे पता करो कि किस - किस मुस्लिम राजा ने अपने इस धार्मिक अधिकार का प्रयोग किया ?तो कोर्ट ने कहा ठीक है एक कमीशन बैठाओ हिस्टोरीयन को बुलाओ और जीतने मुस्लिम राजा भारत मे हुए सबकी history निकालो दस्तावेज़ निकालो !और किस किस राजा ने अपने इस धार्मिक अधिकार का पालण किया ?
तो पुराने दस्तावेज़ जब निकाले गए तो उससे पता चला कि भारत मे जितने भी मुस्लिम राजा हुए एक ने भी गाय का कत्ल नहीं किया ! इसके उल्टा कुछ राजाओ ने गायों के कत्ल के खिलाफ कानून बनाए ! उनमे से एक का नाम था बाबर ! बाबर ने अपनी पुस्तक बाबर नामा मे लिखवाया है कि मेरे मरने के बाद भी गाय के कत्ल का कानून जारी रहना चाहिए ! तो उसके पुत्र हुमायु ने भी उसका पालण किया और उसके बाद जितने मुगल राजा हुए सबने इस कानून का पालन किया including ओरंगजेब !!
फिर दक्षिण भारत मे एक राजा था हेदर आली !टीपू सुल्तान का बाप !! उनसे एक कानून बनवाया था कि अगर कोई गाय की ह्त्या करेगा तो हैदर उसकी गर्दन काट देगा और हैदर अली ने ऐसे सेकड़ो कासयियो की गर्दन काटी थी जिन्होने गाय को काटा था फिर हैदर अली का बेटा आया टीपू सुलतान तो उसने इस कानून को थोड़ा हल्का कर दिया तो उसने कानून बना दिया की हाथ काट देना ! तो टीपू सुलतान के समय में कोई भी अगर गाय काटता था तो उसका हाथ काट दिया जाता था |
तो ये जब दस्तावेज़ जब कोर्ट के सामने आए तो राजीव भाई ने जज साहब से कहा कि आप जरा बताइये अगर इस्लाम मे गाय को कत्ल करना धार्मिक अधिकार होता तो बाबर तो कट्टर ईस्लामी था ५ वक्त की नमाज पढ़ता था हमायु भी था ओरंगजेब तो सबसे ज्यादा कट्टर था ! तो इनहोने क्यूँ नहीं गाय का कत्ल करवाया और क्यूँ ? गाय का कत्ल रोका ।
आपका
बहुत-बहुत धन्यवाद

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