Sunday, 14 June 2015

Funny poem. 😳😳😜 ⏰ -हास्य कविता- ⏰⏰

😳😳😜 ⏰ -हास्य कविता- ⏰⏰
🔆
मुश्किल है अपना मेल प्रिये
----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

तुम एम.ए. फर्स्ट डिवीजन हो
----मैं हुआ मैट्रिक फेल प्रिये

तुम फौजी अफसर की बेटी
----मैं तो किसान का बेटा हूं

तुम रबडी खीर मलाई हो
----मैं तो सत्तू सपरेटा हूं

तुम ए.सी. घर में रहती हो
----मैं पेड. के नीचे लेटा हूं

तुम नई मारूति लगती हो
----मैं स्कूटर लम्ब्रेटा हूं

इस तरह अगर हम छुप छुप
-----करआपस में

प्यार बढाएंगे
तो एक रोज तेरे डैडी
----अमरीश पुरी बन जाएंगे
सब हड्डी पसली तोड.

----मुझे भिजवा देंगे वो जेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये
----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

तुम अरब देश की घोड़ी हो
----मैं हूं गदहे की नाल प्रिये

तुम दीवाली का बोनस हो
----मैं भूखों की हड.ताल प्रिये

तुम हीरे जडी तस्तरी हो
----मैं एल्युमिनियम का थाल प्रिये

तुम चिकेन, सूप, बिरयानी हो
----मैं कंकड. वाली दाल प्रिये

तुम हिरन चौकडी भरती हो
----मैं हूं कछुए की चाल प्रिये

तुम चन्दन वन की लकड़ी हो
----मैं हूं बबूल की छाल प्रिये

मैं पके आम सा लटका हूं
----मत मारो मुझे गुलेल प्रिये

मुश्किल है अपना मेल प्रिये
----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

मैं शनिदेव जैसा कुरूप
----तुम कोमल कंचन काया हो

मैं तन से, मन से कांशी हूं
----तुम महाचंचला माया हो

तुम निर्मल पावन गंगा हो
----मैं जलता हुआ पतंगा हूं

तुम राजघाट का शांति मार्च
----मैं हिन्दू-मुस्लिम दंगा हूं

तुम हो पूनम का ताजमहल
----मैं काली गुफा अजन्ता की

तुम हो वरदान विधाता का
----मैं गलती हूं भगवन्ता की

तुम जेट विमान की शोभा हो
----मैं बस की ठेलमपेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये
----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

💥💥💥
💥तुम नई विदेशी मिक्सी हो
----मैं पत्थर का सिलबट्टा हूं

तुम ए.के. सैंतालिस जैसी
----मैं तो इक देसी कट्टा हूं

तुम चतुर राबड़ी देवी सी
----मैं भोला-भाला लालू हूं

तुम मुक्त शेरनी जंगल की
----मैं चिडि.याघर का भालू हूं

तुम व्यस्त सोनिया गांधी सी
----मैं वी.पी. सिंह सा खाली हूं

तुम हंसी माधुरी दीक्षित की
----मैं पुलिस मैन की गाली हूं

गर जेल मुझे हो जाए तो
----दिलवा देना तुम बेल प्रिये

मुश्किल है अपना मेल प्रिये
----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

मैं ढाबे के ढांचे जैसा
----तुम पांच सितारा होटल हो

तुम चित्रहार का मधुर गीत
----मैं कृषि दर्शन की झाड़ी हूं

तुम विश्व सुंदरी सी महान
----मैं ठेलिया छाप कबाड़ी हूं

तुम सोनी का मोबाइल हो
----मैं टेलीफोन वाला चोंगा

तुम मछली मानसरोवर की
----मैं सागर तट का हूं घोंघा

दस मंजिल से गिर जाउंगा
----मत आगे मुझे ढकेल प्रिये

मुश्किल है अपना मेल प्रिये
----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

तुम जयप्रदा की साडी हो
----मैं शेखर वाली दाढी हूं
तुम सुषमा जैसी विदुषी हो

----मैं लल्लू लाल अनाडी हूं
तुम जया जेटली सी कोमल

----मैं सिंह मुलायम सा कठोर
तुम हेमा मालिनी सी सुंदर

----मैं बंगारू की तरह बोर
तुम सत्ता की महारानी हो

----मैं विपक्ष की लाचारी हूं
तुम हो ममता जयललिता सी

----मैं क्वारा अटल बिहारी हूं
तुम संसद की सुंदरता हो

----मैं हूं तिहाड. की जेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये

----ये प्यार नहीं है खेल प्रिये ।
😜 😀😁😂

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