Wednesday, 18 May 2016

Best beautiful thought

ए खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है, तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है, लेकिन तुजे नहीं किसी और को पाने के लिये…
फैसला हो जो भी, मंजूर होना चाहिए … जंग हो या इश्क, भरपूर होना चाहिए …
सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से , सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है
अगर नींद आ जाये तो सो भी लिया करो…. रातों को जगने से मोहब्बत लोटा नहीं करती
तू वो ज़ालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा न बन सका… और दिल वो काफिर जो मुझमे रह कर भी तेरा हो गया..
तुझ से नहीं ‪तेरे‬ वक़्त से नाराज हूँ … जो कभी तुझे ‪मेरे‬ लिए नहीं मिला
भले नाम बड़ा नही है हमारा,लेकिन फिर भी आजतक हमने कभी काम छोटे नही किये
साला स्मार्ट होने का बडा़ प्रॉब्लेम है … लड़कियाँ देखते ही ये सोचती हैं … इसकी तो पहले से 10-15 गर्लफ्रेंड होंगी…
अमीर तो हम भी बहुत थे, पर दॊलत सिर्फ दिल की थी … खर्च भी बहुत किया ए दोस्त, पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई…
वास्ता नही रखना .. तो फिर मुझपे .. नजर क्यूं रखती है … मैं किस हाल में जिंदा हूँ … तू ये सब खबर क्यूं रखती है …
यूँ न देख नफरत से मुझे…वही चेहरा है जिसे आपने टूट कर चाहा था…!!
हम बुरे ही भले अब.. जब अच्छे थे तब कौन से मैडल मिल गए

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